महुआ रे गाच्छा सरहारा

 

1. महुआ रे गाच्छा सरहारा

    किया री में पात डोलय

    किया री में पातडोलय हयरे

2. आयो कांदय कोरा बईसय

    बाबा कांदय सभा बईसाय हयरे हाय

    भईया कांदय मड़ेवा का खुटा धरी-धरी

    आबे बाहिन हाईर लेलै

    आबे बाहिन निकासलै हयरे ।।

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