छोटी छोटी गलियों में गूँजता है तेरा बड़ा नाम
कच्चे घरोंदों में, तेरी सितायिश शुबह शाम
बूढ़े बूढ़े हाँथों ने थाम के रखा तेरा कलाम
कमज़ोर नज़रों का तेरी ही ज़ानिब है ध्यान
1. संगी यार मेरे आखदे ने मैनु ख़ाकरोब ।
ओह की जान देने मेरे ना मशी दा की संजोग ||2||
मैं तो हर नगर अपने ख़ुदावन्द
की राहें संवारता चलूँ ||2||
टेढ़े मेढ़े रस्तों पर तेरी ओर चलते हैं तमाम
कितनी भी दूरी हो तुझमे ही करते हैं क़याम ||1||
छोटी छोटी गलियों में गूँजता है तेरा बड़ा नाम
कच्चे घरोंदों में, तेरी सितायिश शुबह शाम
2. खेड़ेयाँ दे नावें,लाइयाँ मैं ते लाइयाँ सी सदा |
जोगियाँ दी होके, होई सां मैं होई सां तबाह ||2||
मैं तो हूँ दुल्हन उस दूल्हे राजा की
आशमानों से जो आएगा ||2||
छोटी छोटी गलियों में गूँजता है तेरा बड़ा नाम
कच्चे घरोंदों में, तेरी सितायिश शुबह शाम
बूढ़े बूढ़े हाँथों ने थाम के रखा तेरा कलाम
कमज़ोर नज़रों का तेरी ही ज़ानिब है ध्यान
छोटी छोटी गलियों में...
बूढ़े बूढ़े हांथों ने...
छोटी छोटी गलियों में...
बूढ़े बूढ़े हांथों ने.....
Tags
हिन्दी गीत