नूह का जहाज तैरता है

 

नूह का जहाज तैरता है

गहरे जलों के ऊपर ॥2॥


1. गोफर की लकड़ी जहाज बनाया – 2

300 हाथ लंबा, 50 हाथ चौड़ा,

30 हाथ ऊँचा बनाया – 2


2. पहले उड़ाया नूह ने कौवा – 2

काँव-काँव, काँव-काँव – 2

वापस ना आया जहाज में,

गहरे जलों के ऊपर – 2


3. फिर से उड़ाया कबूतरी नूह ने – 2

गुटुर-गूँ, गुटुर-गूँ, गुटुर-गूँ – 2

लाई जैतून का पत्ती,

गहरे जलों के ऊपर – 2

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